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à¤à¤• दिन में कितना खाना खाना चाहिà¤, कैसे जानें शरीर को मिल रहा है परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण?
इस बात को जानना बहà¥à¤¤ जरूरी है कि दिन के 24 घंटों में उसे कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ और कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाना चाहिà¤.
हमारे आसपास कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लोग जरूर होते हैं, जो वकà¥à¤¤ चाहे कैसा à¤à¥€, कà¥à¤› à¤à¥€ हो जाठवो 3 वकà¥à¤¤ ही खाना खाà¤à¤‚गे. à¤à¤¸à¥‡ लोगों के खाने की मातà¥à¤°à¤¾, खाने का समय सब कà¥à¤› परफेकà¥à¤Ÿ करके ही खाते हैं. इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने के बीच कà¥à¤› लाइट सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ खाना, à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क लेना बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ पसंद नहीं होता है. लोगों का मानना होता है कि दिन में 3 बार संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में खाना खाने से सेहत दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रहती है. साथ ही पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ ठीक होता है. अगर, आप à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ ही करते हैं या सोचते हैं तो आपको थोड़ा सा रिसरà¥à¤š करने की जरूरत है.
जानकारों का मानना है कि दिन में तीन बार खाने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर छोटी-छोटी मातà¥à¤°à¤¾ में 6-7 खाना है. सà¥à¤¨à¥ˆà¤•िंग डायटिशन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दिन में कई बार खाने से बॉडी कà¥à¤²à¥‰à¤• सही रहता है. दिन में कई बार खाना तो अचà¥à¤›à¥€ बात है, लेकिन जो सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ आप ले रहे हैं वो हेलà¥à¤¦à¥€ होना बहà¥à¤¤ जरूरी है. दरअसल, हमारी बॉडी को हर 2-3 घंटे में कà¥à¤› खाना चाहिठहोता है, à¤à¤¸à¥‡ में थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में फू़डà¥à¤¸ को कंजà¥à¤¯à¥‚म करना à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ ऑपà¥à¤¶à¤¨ रहता है.
थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में खाना खाने से फैट बरà¥à¤¨ होने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ तेज हो जाती है.
फैट बरà¥à¤¨ करने में करता है मदद
à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि कई बार थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में खाना खाने से फैट बरà¥à¤¨ होने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ तेज हो जाती है. इस तरह से खाने से शरीर का मेटाबॉलिजà¥à¤® पावर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤— होता है. à¤à¤¸à¤¾ कहा जाता है कि डायटिंग करने वाले लोगों को छोटी-छोटी मातà¥à¤°à¤¾ में ही खाना खाना चाहिà¤. à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ की मानें तो 2-3 घंटें पर खाने की मातà¥à¤°à¤¾ को लेने से बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रहता है, जिससे शरीर में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बनी रहती है.
à¤à¤• दिन कितना और कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤
à¤à¤• आदमी के लिठइस बात को जानना बहà¥à¤¤ जरूरी है कि दिन के 24 घंटों में उसे कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ और कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाना चाहिà¤. जिस शखà¥à¤¸ को अपने शरीर की पूरी जानकारी हो जाती है, वो बीमार कम पड़ते हैं. इसलिठजरूरी है अपने दैनिक आहार का आकंलन किया जाà¤.
दूध और अंडों में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ पाया जाता है.
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨à¤ƒ शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण मिले इसके लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करना बहà¥à¤¤ जरूरी है.
इसके लिठरोजाना के खाने में अंडा, दूध, दही जैसी चीजों को जरूर शामिल करना चाहिà¤.
विटामिनः शरीर कम बीमार पड़े इसके लिठरोजाना के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में विटामिन सी, ई और बेटा-कारोटीन शामिल करें.
à¤à¤‚टीआकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ à¤à¤• तरह के माइकà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤à¤‚टà¥à¤¸ होते हैं और ये हमारे शरीर की रकà¥à¤·à¤¾ करते हैं. वे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹ को विशेष रूप से ऑकà¥à¤¸à¥€à¤•रण और खराब होने से रोकते हैं.
हालांकि हर इंसान का शरीर अलग होता है, इसलिठअपने शरीर को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर ही à¤à¥‹à¤œà¤¨ का आंकलन करें. अगर, आपको इस बात की जानकारी नहीं है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें. डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बातचीत करने के बाद ही चीजों को अपनी डाय़ट में शामिल करें.
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